Monday, 5 May 2008

फिर वही बात...

क्षमा कीजिये फिर से विनम्र निवेदन है कि

अपने विचार आप सभी सीधे

nutanbharati1.bodhsamvad@blogger.com


पर इ-मेल लिख कर प्रेषित कर सकते हैं ।
यह औतोमतेद है कृपया नाम पर मत जाईये just इग्नोर the name
इस से संवाद की सम्भावना होगी...
एक छोटा सा कमेंट भी बहुत है ...
हम सभी आपके सहयोग की प्रतीक्षा करेंगे !